संस्कृत सूची|शास्त्रः|ज्योतिष शास्त्रः|वराहमिहीरस्य बृहत्संहिताः| अध्याय ३६ वराहमिहीरस्य बृहत्संहिताः अध्याय १ अध्याय २ अध्याय ३ अध्याय ४ अध्याय ५ अध्याय ६ अध्याय ७ अध्याय ८ अध्याय ९ अध्याय १० अध्याय ११ अध्याय १२ अध्याय १३ अध्याय १४ अध्याय १५ अध्याय १६ अध्याय १७ अध्याय १८ अध्याय १९ अध्याय २० अध्याय २१ अध्याय २२ अध्याय २३ अध्याय २४ अध्याय २५ अध्याय २६ अध्याय २७ अध्याय २८ अध्याय २९ अध्याय ३० अध्याय ३१ अध्याय ३२ अध्याय ३३ अध्याय ३४ अध्याय ३५ अध्याय ३६ अध्याय ३७ अध्याय ३८ अध्याय ३९ अध्याय ४० अध्याय ४१ अध्याय ४२ अध्याय ४३ अध्याय ४४ अध्याय ४५ अध्याय ४६ अध्याय ४७ अध्याय ४८ अध्याय ४९ अध्याय ५० अध्याय ५१ अध्याय ५२ अध्याय ५३ अध्याय ५४ अध्याय ५५ अध्याय ५६ अध्याय ५७ अध्याय ५८ अध्याय ५९ अध्याय ६० अध्याय ६१ अध्याय ६२ अध्याय ६३ अध्याय ६४ अध्याय ६५ अध्याय ६६ अध्याय ६७ अध्याय ६८ अध्याय ६९ अध्याय ७० अध्याय ७१ अध्याय ७२ अध्याय ७३ अध्याय ७४ अध्याय ७५ अध्याय ७६ अध्याय ७७ अध्याय ७८ अध्याय ७९ अध्याय ८० अध्याय ८१ अध्याय ८२ अध्याय ८३ अध्याय ८४ अध्याय ८५ अध्याय ८६ अध्याय ८७ अध्याय ८८ अध्याय ८९ अध्याय ९० अध्याय ९१ अध्याय ९२ अध्याय ९३ अध्याय ९४ अध्याय ९५ अध्याय ९६ अध्याय ९७ अध्याय ९८ अध्याय ९९ अध्याय १०० अध्याय १०१ अध्याय १०२ अध्याय १०३ अध्याय १०४ अध्याय १०५ अध्याय १०६ बृहत्संहिताः - अध्याय ३६ ’बृहत्संहिता’ ग्रंथात वास्तुविद्या, भवन निर्माण कला, वायुमंडळाची रचना, वृक्ष आयुर्वेद इ. विषय अंतर्भूत आहेत. Tags : brihatsamhitahoroscopevarahamihirज्योतिषबृहत्संहितावराहमिहिर गन्धर्वनगरलक्षणाध्यायः Translation - भाषांतर उदगादिपुरोहितनृपबलपतियुवराजदोषदं खपुरम् । सितरक्तपीतकृष्णं विप्रादीनामभावाय ॥१॥ नागरनृपतिजयावहमुदग्विदिक्स्थं विवर्णनाशाय । शान्ताशायां दृष्टं सतोरणं नृपतिविजयाय ॥२॥ सर्वदिगुत्थं सततोथितं च भयदं नरेन्द्रराष्ट्राणाम् । चौराटविकान् हन्याद् धूमानलशक्रचापाभम् ॥३॥ गन्धर्वनगरमुत्थितमापाण्डुरमशनिपातवातकरम् । दीप्ते नरेन्द्रमृत्युः वामेऽरिभयं जयः सव्ये ॥४॥ अनेकवर्णाकृति खे प्रकाशते पुरं पताकाध्वजतोरणान्वितम् । यदा तदा नागमनुष्यवाजिनां पिबत्यसृग् भूरि रणे वदुन्धरा ॥५॥ N/A References : N/A Last Updated : January 16, 2012 Comments | अभिप्राय Comments written here will be public after appropriate moderation. Like us on Facebook to send us a private message. TOP