-
महाभूतविवेक प्रकरणम् - श्लोक ७६ ते ८०
वामन नरहरी शेष उर्फ वामन पंडित (इ.स.१६३६ ते १६९५) हे १७ व्या शतकात होऊन गेलेले प्रख्यात मराठी कवी होते.
Type: PAGE | Rank: 1 | Lang: mr
-
अलंकारदर्श - अर्थालंकार
काव्यास ज्याच्या योगाने शोभा येते त्यास अलंकार असे म्हणतात.
Type: INDEX | Rank: 1 | Lang: mr
-
अर्थालंकार - उपमा
काव्यास ज्याच्या योगाने शोभा येते त्यास अलंकार असे म्हणतात.
Type: PAGE | Rank: 1 | Lang: mr
-
अर्थालंकार - अनन्वय
काव्यास ज्याच्या योगाने शोभा येते त्यास अलंकार असे म्हणतात.
Type: PAGE | Rank: 1 | Lang: mr
-
अर्थालंकार - उपमेयोपमा
काव्यास ज्याच्या योगाने शोभा येते त्यास अलंकार असे म्हणतात.
Type: PAGE | Rank: 1 | Lang: mr
-
अर्थालंकार - प्रतीप
काव्यास ज्याच्या योगाने शोभा येते त्यास अलंकार असे म्हणतात.
Type: PAGE | Rank: 1 | Lang: mr
-
अर्थालंकार - रुपक
काव्यास ज्याच्या योगाने शोभा येते त्यास अलंकार असे म्हणतात.
Type: PAGE | Rank: 1 | Lang: mr
-
अर्थालंकार - परिणाम
काव्यास ज्याच्या योगाने शोभा येते त्यास अलंकार असे म्हणतात.
Type: PAGE | Rank: 1 | Lang: mr
-
अर्थालंकार - उल्लेख
काव्यास ज्याच्या योगाने शोभा येते त्यास अलंकार असे म्हणतात.
Type: PAGE | Rank: 1 | Lang: mr
-
अर्थालंकार - स्मरण
काव्यास ज्याच्या योगाने शोभा येते त्यास अलंकार असे म्हणतात.
Type: PAGE | Rank: 1 | Lang: mr
-
अर्थालंकार - भ्रांतिमान्
काव्यास ज्याच्या योगाने शोभा येते त्यास अलंकार असे म्हणतात.
Type: PAGE | Rank: 1 | Lang: mr
-
अर्थालंकार - संदेह
काव्यास ज्याच्या योगाने शोभा येते त्यास अलंकार असे म्हणतात.
Type: PAGE | Rank: 1 | Lang: mr
-
अर्थालंकार - अपन्हुति
काव्यास ज्याच्या योगाने शोभा येते त्यास अलंकार असे म्हणतात.
Type: PAGE | Rank: 1 | Lang: mr
-
अर्थालंकार - उत्प्रेक्षा
काव्यास ज्याच्या योगाने शोभा येते त्यास अलंकार असे म्हणतात.
Type: PAGE | Rank: 1 | Lang: mr
-
अर्थालंकार - अतिशयोक्ति
काव्यास ज्याच्या योगाने शोभा येते त्यास अलंकार असे म्हणतात.
Type: PAGE | Rank: 1 | Lang: mr
-
अर्थालंकार - तुल्ययोगिता
काव्यास ज्याच्या योगाने शोभा येते त्यास अलंकार असे म्हणतात.
Type: PAGE | Rank: 1 | Lang: mr
-
अर्थालंकार - दीपक
काव्यास ज्याच्या योगाने शोभा येते त्यास अलंकार असे म्हणतात.
Type: PAGE | Rank: 1 | Lang: mr
-
अर्थालंकार - आवृत्तिदीपक
काव्यास ज्याच्या योगाने शोभा येते त्यास अलंकार असे म्हणतात.
Type: PAGE | Rank: 1 | Lang: mr
-
अर्थालंकार - प्रतिवस्तूपमा
काव्यास ज्याच्या योगाने शोभा येते त्यास अलंकार असे म्हणतात.
Type: PAGE | Rank: 1 | Lang: mr
-
अर्थालंकार - दृष्टांत
काव्यास ज्याच्या योगाने शोभा येते त्यास अलंकार असे म्हणतात.
Type: PAGE | Rank: 1 | Lang: mr
-
अर्थालंकार - निदर्शना
काव्यास ज्याच्या योगाने शोभा येते त्यास अलंकार असे म्हणतात.
Type: PAGE | Rank: 1 | Lang: mr
-
अर्थालंकार - व्यतिरेक
काव्यास ज्याच्या योगाने शोभा येते त्यास अलंकार असे म्हणतात.
Type: PAGE | Rank: 1 | Lang: mr
-
अर्थालंकार - सहोक्ति
काव्यास ज्याच्या योगाने शोभा येते त्यास अलंकार असे म्हणतात.
Type: PAGE | Rank: 1 | Lang: mr
-
अर्थालंकार - विनोक्ति
काव्यास ज्याच्या योगाने शोभा येते त्यास अलंकार असे म्हणतात.
Type: PAGE | Rank: 1 | Lang: mr
-
अर्थालंकार - समासोक्ति
काव्यास ज्याच्या योगाने शोभा येते त्यास अलंकार असे म्हणतात.
Type: PAGE | Rank: 1 | Lang: mr
-
अर्थालंकार - परिकर
काव्यास ज्याच्या योगाने शोभा येते त्यास अलंकार असे म्हणतात.
Type: PAGE | Rank: 1 | Lang: mr
-
अर्थालंकार - श्लेष
काव्यास ज्याच्या योगाने शोभा येते त्यास अलंकार असे म्हणतात.
Type: PAGE | Rank: 1 | Lang: mr
-
अर्थालंकार - अप्रस्तुतप्रशंसा
काव्यास ज्याच्या योगाने शोभा येते त्यास अलंकार असे म्हणतात.
Type: PAGE | Rank: 1 | Lang: mr
-
अर्थालंकार - प्रस्तुतांकुर
काव्यास ज्याच्या योगाने शोभा येते त्यास अलंकार असे म्हणतात.
Type: PAGE | Rank: 1 | Lang: mr
-
अर्थालंकार - पर्यायोक्त
काव्यास ज्याच्या योगाने शोभा येते त्यास अलंकार असे म्हणतात.
Type: PAGE | Rank: 1 | Lang: mr
-
अर्थालंकार - व्याजस्तुती
काव्यास ज्याच्या योगाने शोभा येते त्यास अलंकार असे म्हणतात.
Type: PAGE | Rank: 1 | Lang: mr
-
अर्थालंकार - व्याजनिंदा
काव्यास ज्याच्या योगाने शोभा येते त्यास अलंकार असे म्हणतात.
Type: PAGE | Rank: 1 | Lang: mr
-
अर्थालंकार - आक्षेप
काव्यास ज्याच्या योगाने शोभा येते त्यास अलंकार असे म्हणतात.
Type: PAGE | Rank: 1 | Lang: mr
-
अर्थालंकार - विरोधाभास
काव्यास ज्याच्या योगाने शोभा येते त्यास अलंकार असे म्हणतात.
Type: PAGE | Rank: 1 | Lang: mr
-
अर्थालंकार - विशेषोक्ति
काव्यास ज्याच्या योगाने शोभा येते त्यास अलंकार असे म्हणतात.
Type: PAGE | Rank: 1 | Lang: mr
-
अर्थालंकार - विभावना
काव्यास ज्याच्या योगाने शोभा येते त्यास अलंकार असे म्हणतात.
Type: PAGE | Rank: 1 | Lang: mr
-
अर्थालंकार - असंभव
काव्यास ज्याच्या योगाने शोभा येते त्यास अलंकार असे म्हणतात.
Type: PAGE | Rank: 1 | Lang: mr
-
अर्थालंकार - असंगती
काव्यास ज्याच्या योगाने शोभा येते त्यास अलंकार असे म्हणतात.
Type: PAGE | Rank: 1 | Lang: mr
-
अर्थालंकार - विषम
काव्यास ज्याच्या योगाने शोभा येते त्यास अलंकार असे म्हणतात.
Type: PAGE | Rank: 1 | Lang: mr
-
अर्थालंकार - सम
काव्यास ज्याच्या योगाने शोभा येते त्यास अलंकार असे म्हणतात.
Type: PAGE | Rank: 1 | Lang: mr
-
अर्थालंकार - विचित्र
काव्यास ज्याच्या योगाने शोभा येते त्यास अलंकार असे म्हणतात.
Type: PAGE | Rank: 1 | Lang: mr
-
अर्थालंकार - अधिक
काव्यास ज्याच्या योगाने शोभा येते त्यास अलंकार असे म्हणतात.
Type: PAGE | Rank: 1 | Lang: mr
-
अर्थालंकार - अल्प
काव्यास ज्याच्या योगाने शोभा येते त्यास अलंकार असे म्हणतात.
Type: PAGE | Rank: 1 | Lang: mr
-
अर्थालंकार - अन्योन्य
काव्यास ज्याच्या योगाने शोभा येते त्यास अलंकार असे म्हणतात.
Type: PAGE | Rank: 1 | Lang: mr
-
अर्थालंकार - विशेष
काव्यास ज्याच्या योगाने शोभा येते त्यास अलंकार असे म्हणतात.
Type: PAGE | Rank: 1 | Lang: mr
-
अर्थालंकार - व्याघात
काव्यास ज्याच्या योगाने शोभा येते त्यास अलंकार असे म्हणतात.
Type: PAGE | Rank: 1 | Lang: mr
-
अर्थालंकार - कारणमाला
काव्यास ज्याच्या योगाने शोभा येते त्यास अलंकार असे म्हणतात.
Type: PAGE | Rank: 1 | Lang: mr
-
अर्थालंकार - एकावली
काव्यास ज्याच्या योगाने शोभा येते त्यास अलंकार असे म्हणतात.
Type: PAGE | Rank: 1 | Lang: mr
-
अर्थालंकार - मालादीपक
काव्यास ज्याच्या योगाने शोभा येते त्यास अलंकार असे म्हणतात.
Type: PAGE | Rank: 1 | Lang: mr
-
अर्थालंकार - सार
काव्यास ज्याच्या योगाने शोभा येते त्यास अलंकार असे म्हणतात.
Type: PAGE | Rank: 1 | Lang: mr
-
अर्थालंकार - यथासंख्य
काव्यास ज्याच्या योगाने शोभा येते त्यास अलंकार असे म्हणतात.
Type: PAGE | Rank: 1 | Lang: mr
-
अर्थालंकार - परिवृत्ति
काव्यास ज्याच्या योगाने शोभा येते त्यास अलंकार असे म्हणतात.
Type: PAGE | Rank: 1 | Lang: mr
-
अर्थालंकार - पर्याय
काव्यास ज्याच्या योगाने शोभा येते त्यास अलंकार असे म्हणतात.
Type: PAGE | Rank: 1 | Lang: mr
-
अर्थालंकार - परिसंख्य
काव्यास ज्याच्या योगाने शोभा येते त्यास अलंकार असे म्हणतात.
Type: PAGE | Rank: 1 | Lang: mr
-
अर्थालंकार - विकल्प
काव्यास ज्याच्या योगाने शोभा येते त्यास अलंकार असे म्हणतात.
Type: PAGE | Rank: 1 | Lang: mr
-
अर्थालंकार - समुच्चय
काव्यास ज्याच्या योगाने शोभा येते त्यास अलंकार असे म्हणतात.
Type: PAGE | Rank: 1 | Lang: mr
-
अर्थालंकार - कारदीपक
काव्यास ज्याच्या योगाने शोभा येते त्यास अलंकार असे म्हणतात.
Type: PAGE | Rank: 1 | Lang: mr
-
अर्थालंकार - समाधि
काव्यास ज्याच्या योगाने शोभा येते त्यास अलंकार असे म्हणतात.
Type: PAGE | Rank: 1 | Lang: mr
-
अर्थालंकार - प्रत्यनीक
काव्यास ज्याच्या योगाने शोभा येते त्यास अलंकार असे म्हणतात.
Type: PAGE | Rank: 1 | Lang: mr
-
अर्थालंकार - काव्यार्थपत्ति
काव्यास ज्याच्या योगाने शोभा येते त्यास अलंकार असे म्हणतात.
Type: PAGE | Rank: 1 | Lang: mr
-
अर्थालंकार - काव्यलिंग
काव्यास ज्याच्या योगाने शोभा येते त्यास अलंकार असे म्हणतात.
Type: PAGE | Rank: 1 | Lang: mr
-
अर्थालंकार - अर्थांतरन्यास
काव्यास ज्याच्या योगाने शोभा येते त्यास अलंकार असे म्हणतात.
Type: PAGE | Rank: 1 | Lang: mr
-
अर्थालंकार - विकस्वर
काव्यास ज्याच्या योगाने शोभा येते त्यास अलंकार असे म्हणतात.
Type: PAGE | Rank: 1 | Lang: mr
-
अर्थालंकार - प्रौढोक्ति
काव्यास ज्याच्या योगाने शोभा येते त्यास अलंकार असे म्हणतात.
Type: PAGE | Rank: 1 | Lang: mr
-
अर्थालंकार - संभावना
काव्यास ज्याच्या योगाने शोभा येते त्यास अलंकार असे म्हणतात.
Type: PAGE | Rank: 1 | Lang: mr
-
अर्थालंकार - मिथ्याध्यवसिति
काव्यास ज्याच्या योगाने शोभा येते त्यास अलंकार असे म्हणतात.
Type: PAGE | Rank: 1 | Lang: mr
-
अर्थालंकार - ललित
काव्यास ज्याच्या योगाने शोभा येते त्यास अलंकार असे म्हणतात.
Type: PAGE | Rank: 1 | Lang: mr
-
अर्थालंकार - प्रहर्षण
काव्यास ज्याच्या योगाने शोभा येते त्यास अलंकार असे म्हणतात.
Type: PAGE | Rank: 1 | Lang: mr
-
अर्थालंकार - विषादन
काव्यास ज्याच्या योगाने शोभा येते त्यास अलंकार असे म्हणतात.
Type: PAGE | Rank: 1 | Lang: mr
-
अर्थालंकार - उल्लास
काव्यास ज्याच्या योगाने शोभा येते त्यास अलंकार असे म्हणतात.
Type: PAGE | Rank: 1 | Lang: mr
-
अर्थालंकार - अवज्ञा
काव्यास ज्याच्या योगाने शोभा येते त्यास अलंकार असे म्हणतात.
Type: PAGE | Rank: 1 | Lang: mr
-
अर्थालंकार - अनुज्ञा
काव्यास ज्याच्या योगाने शोभा येते त्यास अलंकार असे म्हणतात.
Type: PAGE | Rank: 1 | Lang: mr
-
अर्थालंकार - लेश
काव्यास ज्याच्या योगाने शोभा येते त्यास अलंकार असे म्हणतात.
Type: PAGE | Rank: 1 | Lang: mr
-
अर्थालंकार - मुद्रा
काव्यास ज्याच्या योगाने शोभा येते त्यास अलंकार असे म्हणतात.
Type: PAGE | Rank: 1 | Lang: mr
-
अर्थालंकार - रत्नावली
काव्यास ज्याच्या योगाने शोभा येते त्यास अलंकार असे म्हणतात.
Type: PAGE | Rank: 1 | Lang: mr
-
अर्थालंकार - तद्रूण
काव्यास ज्याच्या योगाने शोभा येते त्यास अलंकार असे म्हणतात.
Type: PAGE | Rank: 1 | Lang: mr
-
अर्थालंकार - पूर्वरुप
काव्यास ज्याच्या योगाने शोभा येते त्यास अलंकार असे म्हणतात.
Type: PAGE | Rank: 1 | Lang: mr
-
अर्थालंकार - अतद्रूण
काव्यास ज्याच्या योगाने शोभा येते त्यास अलंकार असे म्हणतात.
Type: PAGE | Rank: 1 | Lang: mr
-
अर्थालंकार - अनुगुण
काव्यास ज्याच्या योगाने शोभा येते त्यास अलंकार असे म्हणतात.
Type: PAGE | Rank: 1 | Lang: mr
-
अर्थालंकार - मीलित
काव्यास ज्याच्या योगाने शोभा येते त्यास अलंकार असे म्हणतात.
Type: PAGE | Rank: 1 | Lang: mr
-
अर्थालंकार - सामान्य
काव्यास ज्याच्या योगाने शोभा येते त्यास अलंकार असे म्हणतात.
Type: PAGE | Rank: 1 | Lang: mr
-
अर्थालंकार - उन्मीलीत
काव्यास ज्याच्या योगाने शोभा येते त्यास अलंकार असे म्हणतात.
Type: PAGE | Rank: 1 | Lang: mr
-
अर्थालंकार - विशेषक
काव्यास ज्याच्या योगाने शोभा येते त्यास अलंकार असे म्हणतात.
Type: PAGE | Rank: 1 | Lang: mr
-
अर्थालंकार - उत्तर
काव्यास ज्याच्या योगाने शोभा येते त्यास अलंकार असे म्हणतात.
Type: PAGE | Rank: 1 | Lang: mr
-
अर्थालंकार - सूक्ष्म
काव्यास ज्याच्या योगाने शोभा येते त्यास अलंकार असे म्हणतात.
Type: PAGE | Rank: 1 | Lang: mr
-
अर्थालंकार - पिहित
काव्यास ज्याच्या योगाने शोभा येते त्यास अलंकार असे म्हणतात.
Type: PAGE | Rank: 1 | Lang: mr
-
अर्थालंकार - व्याजोक्ति
काव्यास ज्याच्या योगाने शोभा येते त्यास अलंकार असे म्हणतात.
Type: PAGE | Rank: 1 | Lang: mr
-
अर्थालंकार - गूढोक्ति
काव्यास ज्याच्या योगाने शोभा येते त्यास अलंकार असे म्हणतात.
Type: PAGE | Rank: 1 | Lang: mr
-
अर्थालंकार - विवृतोक्ति
काव्यास ज्याच्या योगाने शोभा येते त्यास अलंकार असे म्हणतात.
Type: PAGE | Rank: 1 | Lang: mr
-
अर्थालंकार - युक्ति
काव्यास ज्याच्या योगाने शोभा येते त्यास अलंकार असे म्हणतात.
Type: PAGE | Rank: 1 | Lang: mr
-
अर्थालंकार - लोकोक्ति
काव्यास ज्याच्या योगाने शोभा येते त्यास अलंकार असे म्हणतात.
Type: PAGE | Rank: 1 | Lang: mr
-
अर्थालंकार - छेकोक्ति
काव्यास ज्याच्या योगाने शोभा येते त्यास अलंकार असे म्हणतात.
Type: PAGE | Rank: 1 | Lang: mr
-
अर्थालंकार - वक्रोक्ति
काव्यास ज्याच्या योगाने शोभा येते त्यास अलंकार असे म्हणतात.
Type: PAGE | Rank: 1 | Lang: mr
-
अर्थालंकार - स्वभावोक्ति
काव्यास ज्याच्या योगाने शोभा येते त्यास अलंकार असे म्हणतात.
Type: PAGE | Rank: 1 | Lang: mr
-
अर्थालंकार - भाविक
काव्यास ज्याच्या योगाने शोभा येते त्यास अलंकार असे म्हणतात.
Type: PAGE | Rank: 1 | Lang: mr
-
अर्थालंकार - उदात्त
काव्यास ज्याच्या योगाने शोभा येते त्यास अलंकार असे म्हणतात.
Type: PAGE | Rank: 1 | Lang: mr
-
अर्थालंकार - अत्युक्ति
काव्यास ज्याच्या योगाने शोभा येते त्यास अलंकार असे म्हणतात.
Type: PAGE | Rank: 1 | Lang: mr
-
अर्थालंकार - निरुक्ति
काव्यास ज्याच्या योगाने शोभा येते त्यास अलंकार असे म्हणतात.
Type: PAGE | Rank: 1 | Lang: mr
-
अर्थालंकार - प्रतिषेध
काव्यास ज्याच्या योगाने शोभा येते त्यास अलंकार असे म्हणतात.
Type: PAGE | Rank: 1 | Lang: mr
-
अर्थालंकार - विधि
काव्यास ज्याच्या योगाने शोभा येते त्यास अलंकार असे म्हणतात.
Type: PAGE | Rank: 1 | Lang: mr
-
अर्थालंकार - हेतु
काव्यास ज्याच्या योगाने शोभा येते त्यास अलंकार असे म्हणतात.
Type: PAGE | Rank: 1 | Lang: mr
-
अर्थालंकार - प्रत्यक्षप्रमाण
काव्यास ज्याच्या योगाने शोभा येते त्यास अलंकार असे म्हणतात.
Type: PAGE | Rank: 1 | Lang: mr
-
अर्थालंकार - अनुमान
काव्यास ज्याच्या योगाने शोभा येते त्यास अलंकार असे म्हणतात.
Type: PAGE | Rank: 1 | Lang: mr
-
अर्थालंकार - उपमानप्रमाण
काव्यास ज्याच्या योगाने शोभा येते त्यास अलंकार असे म्हणतात.
Type: PAGE | Rank: 1 | Lang: mr
-
अर्थालंकार - शब्दप्रमाण
काव्यास ज्याच्या योगाने शोभा येते त्यास अलंकार असे म्हणतात.
Type: PAGE | Rank: 1 | Lang: mr
-
अर्थालंकार - अर्थापत्ति
काव्यास ज्याच्या योगाने शोभा येते त्यास अलंकार असे म्हणतात.
Type: PAGE | Rank: 1 | Lang: mr
-
अर्थालंकार - अनुपलब्धि
काव्यास ज्याच्या योगाने शोभा येते त्यास अलंकार असे म्हणतात.
Type: PAGE | Rank: 1 | Lang: mr
-
अर्थालंकार - संभव
काव्यास ज्याच्या योगाने शोभा येते त्यास अलंकार असे म्हणतात.
Type: PAGE | Rank: 1 | Lang: mr
-
अर्थालंकार - ऐतिह्य
काव्यास ज्याच्या योगाने शोभा येते त्यास अलंकार असे म्हणतात.
Type: PAGE | Rank: 1 | Lang: mr
-
अर्थालंकार - अनुकूल
काव्यास ज्याच्या योगाने शोभा येते त्यास अलंकार असे म्हणतात.
Type: PAGE | Rank: 1 | Lang: mr
-
अर्थालंकार - आशी
काव्यास ज्याच्या योगाने शोभा येते त्यास अलंकार असे म्हणतात.
Type: PAGE | Rank: 1 | Lang: mr
-
अर्थालंकार - रसवत्
काव्यास ज्याच्या योगाने शोभा येते त्यास अलंकार असे म्हणतात.
Type: PAGE | Rank: 1 | Lang: mr
-
अर्थालंकार - प्रेय
काव्यास ज्याच्या योगाने शोभा येते त्यास अलंकार असे म्हणतात.
Type: PAGE | Rank: 1 | Lang: mr
-
अर्थालंकार - ऊर्जस्वित्
काव्यास ज्याच्या योगाने शोभा येते त्यास अलंकार असे म्हणतात.
Type: PAGE | Rank: 1 | Lang: mr
-
अर्थालंकार - समाहित
काव्यास ज्याच्या योगाने शोभा येते त्यास अलंकार असे म्हणतात.
Type: PAGE | Rank: 1 | Lang: mr
-
अर्थालंकार - भावोदय
काव्यास ज्याच्या योगाने शोभा येते त्यास अलंकार असे म्हणतात.
Type: PAGE | Rank: 1 | Lang: mr
-
अर्थालंकार - भावसंधि
काव्यास ज्याच्या योगाने शोभा येते त्यास अलंकार असे म्हणतात.
Type: PAGE | Rank: 1 | Lang: mr
-
अर्थालंकार - भावशबलता
काव्यास ज्याच्या योगाने शोभा येते त्यास अलंकार असे म्हणतात.
Type: PAGE | Rank: 1 | Lang: mr
-
अर्थालंकार - संसृष्टि
काव्यास ज्याच्या योगाने शोभा येते त्यास अलंकार असे म्हणतात.
Type: PAGE | Rank: 1 | Lang: mr
-
अर्थालंकार - संकर
काव्यास ज्याच्या योगाने शोभा येते त्यास अलंकार असे म्हणतात.
Type: PAGE | Rank: 1 | Lang: mr
-
अर्थालंकार - चेतनगुणोक्ति
काव्यास ज्याच्या योगाने शोभा येते त्यास अलंकार असे म्हणतात.
Type: PAGE | Rank: 1 | Lang: mr
-
अलंकारदर्श
काव्यास ज्याच्या योगाने शोभा येते त्यास अलंकार असे म्हणतात.
Type: INDEX | Rank: 1 | Lang: mr
-
अलंकारदर्श - शब्दालंकार
काव्यास ज्याच्या योगाने शोभा येते त्यास अलंकार असे म्हणतात.
Type: INDEX | Rank: 1 | Lang: mr
-
शब्दालंकार - छेकानुप्रास
काव्यास ज्याच्या योगाने शोभा येते त्यास अलंकार असे म्हणतात.
Type: PAGE | Rank: 1 | Lang: mr
-
शब्दालंकार - वृत्यनुप्रास
काव्यास ज्याच्या योगाने शोभा येते त्यास अलंकार असे म्हणतात.
Type: PAGE | Rank: 1 | Lang: mr
-
शब्दालंकार - यमक
काव्यास ज्याच्या योगाने शोभा येते त्यास अलंकार असे म्हणतात.
Type: PAGE | Rank: 1 | Lang: mr
-
शब्दालंकार - श्रुत्यनुप्रास व अंत्यानुप्रास
काव्यास ज्याच्या योगाने शोभा येते त्यास अलंकार असे म्हणतात.
Type: PAGE | Rank: 1 | Lang: mr
-
शब्दालंकार - पुनरुक्तवदाभास
काव्यास ज्याच्या योगाने शोभा येते त्यास अलंकार असे म्हणतात.
Type: PAGE | Rank: 1 | Lang: mr
-
शब्दालंकार - लाडानुप्रास
काव्यास ज्याच्या योगाने शोभा येते त्यास अलंकार असे म्हणतात.
Type: PAGE | Rank: 1 | Lang: mr
-
शब्दालंकार - चित्र
काव्यास ज्याच्या योगाने शोभा येते त्यास अलंकार असे म्हणतात.
Type: PAGE | Rank: 1 | Lang: mr
-
अलंकारदर्श - अनुक्रमणिका
काव्यास ज्याच्या योगाने शोभा येते त्यास अलंकार असे म्हणतात.
Type: PAGE | Rank: 1 | Lang: mr
-
अलंकारदर्श - अलंकारांचें वर्गीकरण.
काव्यास ज्याच्या योगाने शोभा येते त्यास अलंकार असे म्हणतात.
Type: PAGE | Rank: 1 | Lang: mr
-
अलंकारदर्श - कठीण शब्दांचा कोष
काव्यास ज्याच्या योगाने शोभा येते त्यास अलंकार असे म्हणतात.
Type: PAGE | Rank: 1 | Lang: mr
-
मराठी व्याकरण
व्याकरण हा भाषेचा पाया आहे.
Type: INDEX | Rank: 1 | Lang: mr
-
अनुच्चारित अनुस्वार
व्याकरण हा भाषेचा पाया आहे.
Type: INDEX | Rank: 1 | Lang: mr
-
अनुच्चारित अनुस्वार - अनुक्रमणिका
व्याकरण हा भाषेचा पाया आहे.
Type: PAGE | Rank: 1 | Lang: mr
-
अनुच्चारित अनुस्वार - लिंगविचार
व्याकरण हा भाषेचा पाया आहे.
Type: PAGE | Rank: 1 | Lang: mr
-
अनुच्चारित अनुस्वार - वचनविचार
व्याकरण हा भाषेचा पाया आहे.
Type: PAGE | Rank: 1 | Lang: mr
-
अनुच्चारित अनुस्वार - सर्वनामविचार
व्याकरण हा भाषेचा पाया आहे.
Type: PAGE | Rank: 1 | Lang: mr
-
अनुच्चारित अनुस्वार - विशेषणविचार
व्याकरण हा भाषेचा पाया आहे.
Type: PAGE | Rank: 1 | Lang: mr
-
अनुच्चारित अनुस्वार - क्रियापदविचार
व्याकरण हा भाषेचा पाया आहे.
Type: PAGE | Rank: 1 | Lang: mr
-
अनुच्चारित अनुस्वार - विभक्तिविचार
व्याकरण हा भाषेचा पाया आहे.
Type: PAGE | Rank: 1 | Lang: mr
-
विभक्तिसंबधी अनुस्वार तृतीया
व्याकरण हा भाषेचा पाया आहे.
Type: PAGE | Rank: 1 | Lang: mr
-
विभक्तिसंबधी अनुस्वार षष्ठी
व्याकरण हा भाषेचा पाया आहे.
Type: PAGE | Rank: 1 | Lang: mr
-
विभक्तिसंबधी अनुस्वार सप्तमी
व्याकरण हा भाषेचा पाया आहे.
Type: PAGE | Rank: 1 | Lang: mr
-
द्वितीया, चतुर्थी, पंचमी, संबोधन विभक्तीसंबंधीं अनुस्वार
व्याकरण हा भाषेचा पाया आहे.
Type: PAGE | Rank: 1 | Lang: mr
-
कर्ता, कर्म ओळखणें
व्याकरण हा भाषेचा पाया आहे.
Type: PAGE | Rank: 1 | Lang: mr
-
शुद्धलेखन - जोडाक्षरें
व्याकरण हा भाषेचा पाया आहे.
Type: PAGE | Rank: 1 | Lang: mr
-
प्रयोग - विचार
व्याकरण हा भाषेचा पाया आहे.
Type: PAGE | Rank: 1 | Lang: mr
-
प्रयोगासंबंधीं अनुस्वार
व्याकरण हा भाषेचा पाया आहे.
Type: PAGE | Rank: 1 | Lang: mr
-
अनुस्वारासंबंधीं
व्याकरण हा भाषेचा पाया आहे.
Type: PAGE | Rank: 1 | Lang: mr
-
शुद्धलेखन - र्हस्व - दीर्घ विचार
व्याकरण हा भाषेचा पाया आहे.
Type: PAGE | Rank: 1 | Lang: mr
-
शुद्धलेखन - विरामचिन्हें
व्याकरण हा भाषेचा पाया आहे.
Type: PAGE | Rank: 1 | Lang: mr
-
शब्दांच्या लिंगाविषयी मतभिन्नता
व्याकरण हा भाषेचा पाया आहे.
Type: PAGE | Rank: 1 | Lang: mr
-
व्याकरण चालविणें
व्याकरण हा भाषेचा पाया आहे.
Type: PAGE | Rank: 1 | Lang: mr
-
काही वाक्यांचें व्याकरण
व्याकरण हा भाषेचा पाया आहे.
Type: PAGE | Rank: 1 | Lang: mr
-
सद्वृत्तमुक्तावली
निरंजन माधव लिखित सद्वृत्तमुक्तावली
Type: INDEX | Rank: 1 | Lang: mr
-
प्रस्तावना
निरंजन माधव लिखित सद्वृत्तमुक्तावली.
Type: PAGE | Rank: 1 | Lang: mr
-
संज्ञाप्रकरणम्
निरंजन माधव लिखित सद्वृत्तमुक्तावली.
Type: PAGE | Rank: 1 | Lang: mr
-
आर्याप्रकरणम्
निरंजन माधव लिखित सद्वृत्तमुक्तावली.
Type: PAGE | Rank: 1 | Lang: mr
-
वर्णवृत्तप्रकरणम्
निरंजन माधव लिखित सद्वृत्तमुक्तावली.
Type: PAGE | Rank: 1 | Lang: mr
-
उष्णिग्
निरंजन माधव लिखित सद्वृत्तमुक्तावली.
Type: PAGE | Rank: 1 | Lang: mr
-
अनुष्टुप्
निरंजन माधव लिखित सद्वृत्तमुक्तावली.
Type: PAGE | Rank: 1 | Lang: mr
-
बृहती
निरंजन माधव लिखित सद्वृत्तमुक्तावली.
Type: PAGE | Rank: 1 | Lang: mr
-
पंक्ति
निरंजन माधव लिखित सद्वृत्तमुक्तावली.
Type: PAGE | Rank: 1 | Lang: mr
-
त्रिष्टुप्
निरंजन माधव लिखित सद्वृत्तमुक्तावली.
Type: PAGE | Rank: 1 | Lang: mr
-
जगती
निरंजन माधव लिखित सद्वृत्तमुक्तावली.
Type: PAGE | Rank: 1 | Lang: mr
-
अतिजगती
निरंजन माधव लिखित सद्वृत्तमुक्तावली.
Type: PAGE | Rank: 1 | Lang: mr
-
शक्करी
निरंजन माधव लिखित सद्वृत्तमुक्तावली.
Type: PAGE | Rank: 1 | Lang: mr
-
अतिशक्करी
निरंजन माधव लिखित सद्वृत्तमुक्तावली.
Type: PAGE | Rank: 1 | Lang: mr
-
अष्टि
निरंजन माधव लिखित सद्वृत्तमुक्तावली.
Type: PAGE | Rank: 1 | Lang: mr
-
अत्यष्टि
निरंजन माधव लिखित सद्वृत्तमुक्तावली.
Type: PAGE | Rank: 1 | Lang: mr
-
धृति
निरंजन माधव लिखित सद्वृत्तमुक्तावली.
Type: PAGE | Rank: 1 | Lang: mr
-
अतिधृति
निरंजन माधव लिखित सद्वृत्तमुक्तावली.
Type: PAGE | Rank: 1 | Lang: mr
-
कृति
निरंजन माधव लिखित सद्वृत्तमुक्तावली.
Type: PAGE | Rank: 1 | Lang: mr
-
प्रकृति
निरंजन माधव लिखित सद्वृत्तमुक्तावली.
Type: PAGE | Rank: 1 | Lang: mr
-
आकृति
निरंजन माधव लिखित सद्वृत्तमुक्तावली.
Type: PAGE | Rank: 1 | Lang: mr
-
विकृति
निरंजन माधव लिखित सद्वृत्तमुक्तावली.
Type: PAGE | Rank: 1 | Lang: mr
-
संस्कृति
निरंजन माधव लिखित सद्वृत्तमुक्तावली.
Type: PAGE | Rank: 1 | Lang: mr
-
अतिकृति
निरंजन माधव लिखित सद्वृत्तमुक्तावली.
Type: PAGE | Rank: 1 | Lang: mr
-
उत्कृति
निरंजन माधव लिखित सद्वृत्तमुक्तावली.
Type: PAGE | Rank: 1 | Lang: mr
-
अर्धसमवृत्तप्रकरणम्
निरंजन माधव लिखित सद्वृत्तमुक्तावली.
Type: PAGE | Rank: 1 | Lang: mr
-
विषमवृत्तम्
निरंजन माधव लिखित सद्वृत्तमुक्तावली.
Type: PAGE | Rank: 1 | Lang: mr
-
अनुष्टुप्वृत्तम्
निरंजन माधव लिखित सद्वृत्तमुक्तावली.
Type: PAGE | Rank: 1 | Lang: mr
-
प्रत्यय
निरंजन माधव लिखित सद्वृत्तमुक्तावली.
Type: PAGE | Rank: 1 | Lang: mr
-
उदिष्ट
निरंजन माधव लिखित सद्वृत्तमुक्तावली.
Type: PAGE | Rank: 1 | Lang: mr
-
रसगड्गाधर - उपमालंकार
रसगंगाधर ग्रंथाचे लेखक पंडितराज जगन्नाथ होत. व्याकरण हा भाषेचा पाया आहे.
Type: INDEX | Rank: 1 | Lang: mr
-
उपमालंकार - लक्षण १
रसगंगाधर ग्रंथाचे लेखक पंडितराज जगन्नाथ होत. व्याकरण हा भाषेचा पाया आहे.
Type: PAGE | Rank: 1 | Lang: mr
-
उपमालंकार - लक्षण २
रसगंगाधर ग्रंथाचे लेखक पंडितराज जगन्नाथ होत. व्याकरण हा भाषेचा पाया आहे.
Type: PAGE | Rank: 1 | Lang: mr
-
उपमालंकार - लक्षण ३
रसगंगाधर ग्रंथाचे लेखक पंडितराज जगन्नाथ होत. व्याकरण हा भाषेचा पाया आहे.
Type: PAGE | Rank: 1 | Lang: mr
-
उपमालंकार - लक्षण ४
रसगंगाधर ग्रंथाचे लेखक पंडितराज जगन्नाथ होत. व्याकरण हा भाषेचा पाया आहे.
Type: PAGE | Rank: 1 | Lang: mr
-
उपमालंकार - लक्षण ५
रसगंगाधर ग्रंथाचे लेखक पंडितराज जगन्नाथ होत. व्याकरण हा भाषेचा पाया आहे.
Type: PAGE | Rank: 1 | Lang: mr
-
उपमालंकार - लक्षण ६
रसगंगाधर ग्रंथाचे लेखक पंडितराज जगन्नाथ होत. व्याकरण हा भाषेचा पाया आहे.
Type: PAGE | Rank: 1 | Lang: mr
-
उपमालंकार - लक्षण ७
रसगंगाधर ग्रंथाचे लेखक पंडितराज जगन्नाथ होत. व्याकरण हा भाषेचा पाया आहे.
Type: PAGE | Rank: 1 | Lang: mr
-
उपमालंकार - लक्षण ८
रसगंगाधर ग्रंथाचे लेखक पंडितराज जगन्नाथ होत. व्याकरण हा भाषेचा पाया आहे.
Type: PAGE | Rank: 1 | Lang: mr
-
उपमालंकार - लक्षण ९
रसगंगाधर ग्रंथाचे लेखक पंडितराज जगन्नाथ होत. व्याकरण हा भाषेचा पाया आहे.
Type: PAGE | Rank: 1 | Lang: mr
-
उपमालंकार - लक्षण १०
रसगंगाधर ग्रंथाचे लेखक पंडितराज जगन्नाथ होत. व्याकरण हा भाषेचा पाया आहे.
Type: PAGE | Rank: 1 | Lang: mr
-
उपमालंकार - लक्षण ११
रसगंगाधर ग्रंथाचे लेखक पंडितराज जगन्नाथ होत. व्याकरण हा भाषेचा पाया आहे.
Type: PAGE | Rank: 1 | Lang: mr
-
उपमालंकार - लक्षण १२
रसगंगाधर ग्रंथाचे लेखक पंडितराज जगन्नाथ होत. व्याकरण हा भाषेचा पाया आहे.
Type: PAGE | Rank: 1 | Lang: mr
-
उपमालंकार - लक्षण १३
रसगंगाधर ग्रंथाचे लेखक पंडितराज जगन्नाथ होत. व्याकरण हा भाषेचा पाया आहे.
Type: PAGE | Rank: 1 | Lang: mr